सोशल वर्क में कोर्स : सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, बैचलर, मास्टर, पीजी डिप्लोमा प्रवेश जारी

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सोशल वर्क में कोर्स : सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, बैचलर, मास्टर, पीजी डिप्लोमा  प्रवेश जारी

1. सर्टिफिकेट कोर्स (Certificate in Social Work - CSW)

यह सबसे बुनियादी लेवल का कोर्स है। यह उन लोगों के लिए है जो सोशल वर्क की बेसिक समझ चाहते हैं।

  • अवधि: 6 महीने से 1 साल।
  • योग्यता: 10वीं या 12वीं पास (संस्थान के आधार पर)।
  • फायदा: छोटे NGO में वॉलंटियर के तौर पर काम करने या बेसिक जानकारी के लिए अच्छा है।

2. डिप्लोमा इन सोशल वर्क (Diploma in Social Work - DSW)

यह कोर्स उन लोगों के लिए है जो कम समय में फील्ड वर्क की प्रैक्टिकल जानकारी लेना चाहते हैं।

  • अवधि: 1 साल।
  • योग्यता: 12वीं पास।
  • फायदा: कम्युनिटी वेलफेयर और सरकारी प्रोजेक्ट्स में एंट्री लेवल की नौकरियों के लिए मददगार।

3. बैचलर ऑफ सोशल वर्क (Bachelor of Social Work - BSW)

यह इस फील्ड की पहली प्रोफेशनल डिग्री है। इसमें आपको थ्योरी के साथ-साथ फील्ड विजिट भी कराई जाती है।

  • अवधि: 3 साल (सेमेस्टर सिस्टम)।
  • योग्यता: किसी भी स्ट्रीम से 12वीं पास।
  • विषय: समाजशास्त्र, मनोविज्ञान, मानवाधिकार और सामाजिक समस्याएं।

4. मास्टर ऑफ सोशल वर्क (Master of Social Work - MSW)

यह सबसे लोकप्रिय और डिमांड वाला कोर्स है। अगर आप हाई-लेवल जॉब्स या स्पेशलाइजेशन चाहते हैं, तो यह अनिवार्य है।

  • अवधि: 2 साल।
  • योग्यता: ग्रेजुएशन (BSW वालों को प्राथमिकता मिलती है, लेकिन किसी भी स्ट्रीम के छात्र कर सकते हैं)।

स्पेशलाइजेशन: * Medical and Psychiatric Social Work

HR (Human Resource Management)

Rural & Urban Development

Child & Family Welfare

5. पीजी डिप्लोमा (PG Diploma in Social Work)

अगर आपने ग्रेजुएशन कर ली है और कम समय में किसी खास विषय (जैसे नशामुक्ति या महिला कल्याण) में एक्सपर्ट बनना चाहते हैं, तो यह बेस्ट है।

  • अवधि: 1 साल।
  • योग्यता: ग्रेजुएशन।
  • फायदा: यह MSW से छोटा होता है लेकिन प्रोफेशनल स्किल्स देने में बहुत कारगर है।

करियर के अवसर

इन कोर्सेस के बाद आप इन जगहों पर काम कर सकते हैं:

  1. NGOs: राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय (जैसे UNICEF, CRY)।
  2. CSR: बड़ी कंपनियों के सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी डिपार्टमेंट में।
  3. अस्पताल: मेडिकल सोशल वर्कर के तौर पर।
  4. सरकारी विभाग: बाल विकास, महिला कल्याण और शिक्षा विभाग में।